उत्तर प्रदेश का सहारनपुर. कोरोना संक्रमण के मामले लगातार जिले में बढ़ रहे हैं. आज मिली जानकारी के मुताबिक 157 नए कोरोना के मरीज मिले हैं. मरीजों की बढ़ती संख्या और होम आइसोलेशन मे रहे रहे मरीजों की चिंताजनक स्थिति पर मौलाना शेख उल हिंद मेडिकल कॉलेज पिलखनी के सीएमएस डॉक्टर संजीव कुमार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. डॉक्टर संजीव के मुताबिक कोरोना की स्थिति चिंता जनक है लेकिन सूझबूझ के साथ इस पर काबू किया जा सकता है. टीम बोल बच्चन के साथ बातचीत में डॉक्टर संजीव कुमार ने होम आइसोलेशन मे रह रहे मरीजों के लिए कई टिप्स बताएं. इतना ही नहीं कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के लिए भी डॉक्टर संजीव ने जरूरी बातें बताई. जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर संजीव कुमार…
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या पर डॉक्टर संजीव ने कहा
मेडिकल कॉलेज में इस समय कुल 55 मरीज एडमिट है जिनमें से 12 मरीज आईसीयू में है. 9 पेशेंट नॉन मैकेनिकल वेंटिलेटर पर और नो पेशेंट ऑक्सीजन पर हैं.
होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को टाइम टू टाइम अपना ध्यान रखने की सलाह देते हुए डॉक्टर संजीव ने कहा
ऑक्सीजन लेवल 94 से नीचे होने पर बिना देर किए उपचार के लिए अस्पताल का रुख मरीज को करना चाहिए. प्रयोग से बचना चाहिए.
होम आइसोलेशन की में रिकवरी और इन्फेक्शन की स्थिति में बचाव के लिए सलाह देते हुए डॉ संजीव कहते हैं कि
ऑक्सीजन लेवल लगातार चेक करना चाहिए. फीवर की चार्टिंग करनी चाहिए. फीवर के बीच का समय नोट करना चाहिए. यह जरूरी है. दवा समय पर लेने की सख्त जरूरत है. किसी भी तरह की लापरवाही संकट को बढ़ा सकती है.
डॉक्टर संजीव कोरोना की नई वेव को खतरनाक मानते हैं और बचने की सलाह देते हुए कहते हैं
यह अर्ली एग्रेसिव ट्रीटमेंट है यानी कि सीवियर केस में जैसे सांस फूलने की स्थिति में होम आइसोलेशन का रास्ता छोड़ अस्पताल का रास्ता करने की जरूरत है. ऑक्सीजन लेवल 94 से ऊपर रहने पर घबराने की जरूरत नहीं है. केवल उपचार और बचाव समय से करने की जरूरत है.
आमतौर पर होम आईशोलेशन में रह रहे मरीजों के साथ परिवार के लोग भावनाओं के चलते जुड़े रहते हैं. ऐसे मामलों पर डॉक्टर संजीव कहते हैं
कोविड पेसेंट को एक हाथ से ही खाना या उनकी जरूरत की चीजें देनी चाहिए. एक हाथ से यानी परिवार का कोई एक ही व्यक्ति दूरी बनाकर पेसेंट की निगरानी और भोजन पानी की व्यवस्था कर सकता है. ऐसे में सुरक्षा की संभावना दोनों के लिए अधिक होगी.
कोरोना से बचाव के लिए गरम पानी इम्यूनिटी बूस्टर और मास्क को डॉक्टर संजीव जरूरी मानते हैं. वह कहते हैं
होम आईशोलेशन में रह रहे पेशेंट को गरम पानी पीना चाहिए. मास्क लगा कर रखना चाहिए. सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क प्रयोग करके कोरोना महामारी को मात दी जा सकती है. फीवर की चार्टिंग जरूरी है.
घर के सदस्यों के घुलने मिलने की साफ मनाही करते हुए डॉक्टर संजीव कहते हैं कि
होम आइसोलेट पेशेंट को घर के दूसरे सदस्यों से दूर रहना चाहिए. इतना ही नहीं घर के दूसरे लोगों को भी कम से कम 10 दिन के लिए खुद को सेल्फ आइसोलेट कर लेना चाहिए. हल्के लक्षणों पर पेरासिटामोल, दर्द निवारक और तरल पदार्थ लेकर मैनेज किया जा सकता है. आमतौर पर आराम करने और डॉक्टर की लिखी प्रिसक्रिप्शन के मुताबिक मरीज ठीक हो जाता है. अस्पताल में भर्ती होने की तभी जरूरत तभी होती है जब सांस की तकलीफ बढ़ जाए.




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