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Corona medicine: दुनिया कोरोना की वैक्सीन बना रही थी इधर बाबा ने खोज कर दवाई बना दी, जानिए कोरोना की दवा पर बड़ी ख़बर

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वैश्विक महामारी कोरोना के चलते वर्ष 2020 में कई जिंदगियां अकाल ही काल के गाल में समा गई. दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना वैक्सीन की तलाश में लगे थे. भारत में बड़ी पहल करते हुए वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ वैक्सीन तैयार कर ली लेकिन इसी बीच बाबा रामदेव ने कोरोना पर असरदार दवाई का निर्माण करा दिया. दवाई का नाम रखा कोरोनिल.
शुक्रवार की सुबह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन की मौजूदगी में बाबा ने रिसर्च पेपर के साथ कोरोनावायरस की दवाई लांच की.

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर योग गुरु स्वामी रामदेव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में वैज्ञानिक रिसर्च पेपर जारी किया. बाबा ने कहा कि पतंजलि की कोरोनिल से कोरोना का इलाज होगा.
स्वामी रामदेव ने दावा किया कि पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट की इस दवा को विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने सर्टिफाइड कर दिया है. बाबा ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज सर्टिफिकेट दिया है. कोरोना से लेकर अलग-अलग बीमारियों पर रिसर्च की बात को स्वीकार करते हुए बाबा रामदेव ने कहा एक बार फिर इस दवा को लांच किया गया है.

कोरोनिल दवा-फ़ोटो सभार एएनआई

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाबा रामदेव ने बताया कि आयुष मंत्रालय ने कोरोनिल टैबलेट को बतौर कोरोना की दवा कर लिया है. कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में कई तरह की चिकित्सा पद्धति चल रही है आयुर्वेद भी उनमें से एक है.

पहले भी लॉन्च हुई थी कोरोना कि दवा

पतंजलि आयुर्वेद ने 2020 में भी कोरोना की दवा लांच की थी. उस समय पतंजलि की ओर से दावा किया गया था कि यह दवा कोविड- 19 को 7 दिनों के भीतर ठीक कर सकती है. लेकिन आयुष मंत्रालय से पतंजलि की दवा को इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं मिली थी. काफी मुकदमे बाजी भी उस दौरान की गई थी जिसके बाद बाबा रामदेव ने कोरोनिल को इम्यून बूस्टर के रूप में प्रचारित किया. दवा को खासी प्रसिद्धि मिली.

देशभर में चल रहा वैक्सीनेशन

फिलवक्त देश में चिकित्सा, स्वास्थ्य और फ्रंटलाइन वर्कर को कोरोना की वैक्सीन दी जा रही है. भारत बायोटेक और सीरम कंपनी की दो वैक्सिंग पूरे देश में फ्रंटलाइन वर्कर्स को दी जा रही है. पिछले दिनों डब्ल्यूएचओ ने सीरम की वैक्सिंग को विश्व भर में उपलब्ध कराने की अनुमति दे दी. दोनों वैक्सीन को कोरोना के खिलाफ काफी प्रभावी माना जा रहा है.

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Prakash Pandey

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