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पिता के अंतिम संस्कार में न जाने का दुःख रहेगा, पिता के निधन पर जानिए क्यों नहीं जाएंगे योगी आदित्यनाथ ने

लखनऊ. आज सुबह 10:44 पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता ने दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली. पिता के निधन पर प्रदेश सरकार ने और मुख्यमंत्री ने शोक जताया है. सुबह के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने पिता के अंतिम दर्शन ना कर पाने का दुख जताया है. उन्होंने अपने आश्रय पिता के अंतिम संस्कार में शामिल ना होने का निर्णय किया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज पत्र लिखकर पिता के निधन पर दुख व्यक्त किया और कहा कि मेरी इच्छा आपके दर्शन की थी लेकिन दुख है कि आप के अंतिम दर्शन नहीं कर सका. मुख्यमंत्री ने निर्णय लेते हुए प्रदेश की 23 करोड़ जनता को प्राथमिकता पर रखा है. उन्होंने लिखा कि प्रदेश की 23 करोड़ जनता को छोड़कर अंतिम संस्कार में शामिल हो पाना मुमकिन नहीं है. उन्होंने कहा है कि कोरोनावायरस के चलते एक एक पल की खबर और व्यवस्था पर निगरानी करनी पड़ रही है जिसके चलते पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हो पाना संभव नहीं है. उन्होंने परिवारजनों से भी अपील की है कि अंतिम संस्कार में कम से कम लोग शामिल हो.
बता दें कि योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का सोमवार की सुबह 10:44 बजे निधन हो गया. राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश के अवस्थी ने सूचना देते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की है.
सीएम के पिता को किडनी और लिवर की समस्या के बाद दिल्ली के एम्स में इलाज के 13 मार्च को भर्ती कराया गया था. उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था.इससे पहले उन्हें तबीयत खराब होने पर जॉलीग्रांट के हिमालयन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. हालात में सुधार न होने पर एयर ऐंबुलेंस से उन्हें दिल्ली स्थित एम्से में भर्ती कराया गया था.
दिल्ली एम्स में गेस्ट्रो विभाग के डॉक्टर विनीत आहूजा की टीम आनंद सिंह बिष्ट का इलाज कर रही थी. एम्स के चिकित्सकों के मुताबिक, आनंद सिंह बिष्ट के शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. और सुबह 10 बजकर 44 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट उत्तराखंड में फॉरेस्ट रेंजर थे. वह 1991 में सेवानिवृत्त हो गये थे. सेवानिवृत्त होने के बाद वह अपने गांव उत्तराखंड के यमकेश्वर के पंचूर गांव में रहते थे.
उनके निधन के बाद उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में शोक की लहर है.

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Prakash Pandey

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