आजमगढ़. समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता रमाकांत यादव को अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में दिया गया बयान भारी पड़ गया. रमाकांत यादव ने कोरोना पर लेकर विवादास्पद बयान दिया था जिसके बाद डीआईजी आजमगढ़ रेंज सुभाष दुबे के निर्देश पर उन पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया.
कोरोना जहां देश के लिए संकट बना हुआ है वहीं कुछ नेताओं ने इसे अपनी खोई राजनीतिक जमीन हासिल करने का जरिया बना लिया है.ऐसा ही मामला आजमगढ़ से सामने आया है जहां पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कोरोना को सरकार की साजिश करार दिया और कहा कि वह कोरोना से पीड़ितों को गले लगाने को तैयार हैं. नेताजी यहीं नहीं रुके उन्होंने कोरोना को छलावा करार दिया है.
सपा नेता रमाकांत यादव को कोरोना वायरस को अफवाह और छलावा बताना भारी पड़ गया है. डीएम एनपी सिंह ने उन्हें नोटिस जारी कर उनके दिए बयान का वैज्ञानिक आधार पूछा है. साथ ही एक सप्ताह के अंदर नोटिस का जवाब देने का निर्देश दिया है. इतना ही नही मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी आजमगढ़ सुभाष चंद्र दुबे ने आदेश देकर शनिवार को सिधारी थाने में रमाकांत यादव के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराया गया.
मौका था जब शुक्रवार को सपा कार्यालय पर पूर्व राज्यसभा सांसद बलिहारी बाबू ने पार्टी का झंडा थामा था. बलिहारी बाबू के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने कोरोना वायरस को लेकर बयान दिया.
रमाकांत यादव ने कहा
“कोरोना वायरस भाजपा द्वारा फैलाई गई अफवाह है. देश में कोरोना नहीं है. सरकार एनआरसी, सीएए, एनआरपी, महंगाई आदि से ध्यान हटाने के लिए सरकार जनता को गुमराह कर रही है. कोरोना एक छलावा है, यह और कुछ नहीं है. मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इसका प्रसार किया जा रहा है. सरकार का प्रयास है कि लोग एक जगह इकठ्ठे न होने पाएं. अगर किसी को कोरोना है तो मैं उसे गले लगाने को तैयार हूं. बड़ी शर्म लगती है कि कोरोना के लिए इमरजेंसी लगाई जा रही है. अगर कोरोना है तो उसे मेरे पास लाइए मैं उसकी दवा भी करूंगा और उसे गले भी लगाउंगा.”
यादव यही नही रुके उन्होंने आगे कहा यह जनता को गुमराह करने की साजिश है. यह लोग धरना प्रदर्शन से डरे हुए हैं. सपा नेता के बयान से जहां उनकी किरकिरी हुई वहीं मुकदमा और हो गया.










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