बोल वचन खास

…खीर में रसगुल्‍ला डलवाते थे मिठास के शौकीन अटल जी

वरिष्ठ चित्रकार वीपी वर्मा को मिला था कई साल तक सान्निध्य

–अब तक दिलोजहन में बसी हैं उनसे जुड़ी तमाम प्रेरक स्मृतियां

–सामयिक विषयों पर अक्सर धीर-गंभीर चर्चा करते थे अटल जी

पवन शर्मा,

भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंंती 25 दिसंबर को है। हरियाणा के वरिष्ठ चित्रकार वीपी वर्मा के जहन में उनसे जुड़ी कई यादें तरोताजा हैं। वह बताते हैं कि मीठे के शौकीन अटल जी को बंगाली रसगुल्ला और खीर बहुत पसंद थी। खीर में अक्सर स्वाद बढ़ाने के लिए वह देसी घी या रसगुल्ला डलवाते और करीबियों को भी खिलाते। वर्मा को भी उनके साथ यह यादगार अनुभव हासिल हुआ था।

वह 1970 का दशक था, जब अटल जी उस दौर में जनसंघ सहित विभिन्न राजनीतिक दलों का विलय करके बनी जनता पार्टी के वरिष्ठ और सक्रिय नेता के रूप में काफी लोकप्रिय थे। मूल रूप से सोनीपत निवासी वर्मा तब बतौर चित्रकार एवं कार्टूनिस्ट अपनी पहचान बनाने के लिए प्रयासरत थे। इसी सिलसिले में अक्सर दिल्ली जाते तो स्वामी इंद्रवेश व स्वामी अग्निवेश से उनका मिलना होता। उनके कई शिष्य नियमित योगाभ्यास करते, जिनके लिए अक्सर खीर बनती थी। यही खीर अक्सर अटल जी खाते तो उन्हें भी इसका स्वाद चखने का अवसर मिल जाता। स्वभाव से काफी विनोदी अटल जी कई बार मिठास और स्वाद बढ़ाने के लिए खीर में खास तौर पर बंगाली रसगुल्ला तो कभी दो चम्मच घी भी डलवाते। तब वह उनसे भी इस नायाब स्वाद का आनंद लेने को कहते। जो भी यह अनूठी स्वीट डिश खाता, वह आनंदित हो उठता। इसके अलावा वह दाल-चावल, कढ़ी, खिचड़ी से लेकर चायनीज फूड तक खूब पसंद करते थे।

वर्मा बताते हैं कि कई बार अटल जी से सामयिक विषयों को लेकर गहन मंथन होता, जिनसे रोचक कार्टून बनाने में कारगर मदद मिलती। खुद पत्रकार व कवि रहे अटल जी संवेदनशील विषयों पर इतने अच्छे ढंग से समझाते कि बहुत सुखद अनुभूति होती। सच है कि अटल अपने नाम के अनुरूप अटल ही थे, जो सदा राजनीति में शुचिता और पारदर्शिता के प्रबल हिमायती रहे। करीब चार-पांच वर्ष तक ऐसे महान व्यक्तित्व का सान्निध्य मिलना उन्हें सदा गर्व का एहसास कराता है।

बनाया साढ़े 14 फुट का स्टेच्यू

करनाल स्थित अटल पार्क में उनकी स्मृति में स्टेच्यू बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने वर्मा को ही चुना। 25 दिसंबर 2019 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साढ़े 14 फुट ऊंचे इस स्टेच्यू का लोकार्पण किया था। वर्मा ने बताया कि शुद्ध तांबे से बने इस स्टेच्यू को उन्होंने अटल जी के महान शुचितापूर्ण व्यक्तित्व को समर्पित किया।

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के चीफ आर्किटेक्ट से महीनों तक अटल जी के चेहरे की एक-एक भाव मुद्रा, परिधानों और अन्य पहलुओं पर गहन मंथन के बाद जब उन्होंने अपनी परिकल्पना को मूर्त रूप दिया तो सीएम सहित हर किसी ने उनके काम को भरपूर सराहा।

जयंती पर चित्रांजलि से नमन

भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर वीपी वर्मा ने उनका सुंदर चित्र भी तैयार किया है ताकि वह अपने प्रिय नेता को चित्रांजलि दे सकें। वर्मा बताते हैं कि अटल जी से जुड़ी यादों पर जल्द ही चित्रों की विशेष श्रृंखला भी तैयार करेंगे।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

About the author

Prakash Pandey

Add Comment

Click here to post a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Follow us @ social media

Follow us @ Facebook

विविध