अब नहीं बदली जा सकेगी कॉपी, 18 से होने वाली परीक्षा की जोरदार तैयारी
लखनऊ. बोर्ड परीक्षा के लिए कठिन परिश्रम और पढ़ना एकमात्र विकल्प होगा. अब यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में बिना पढ़े पास करना बेहद मुश्किल होगा. नकल पर नकेल के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं. सभी 7784 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, वायस रिकार्डर और ब्राड बैंड कनेक्शन की व्यवस्था के चलते सभी की ऑनलाइन वेब टेली कास्ट के माध्यम से निगरानी होगी. वहीं परीक्षा में कापियों को बदलने का खेल भी अब खत्म हो जाएगा. चार अलग-अलग रंगों की कापियां दी जाएंगी. शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने राजधानी में माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय में बने राज्य स्तरीय कंट्रोल रुम व मानीटरिंग सेंटर का उद्घाटन किया.
डिप्टी सीएम ने बताया कि नकल माफिया अब किसी भी कीमत पर परीक्षा की कापियों की अदला-बदली नहीं करवा पाएंगे. बोर्ड परीक्षा की कापियां गुलाबी, पीले, हरे व नीले रंग की होंगी क्रमांक होगा और यह सिली सिलाई होंगी. ताकि कापियों का ऊपर का पृष्ठ न बदला जा सके. करीब ढ़ाई हजार संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्रों व 18 जिलों में इसकी विशेष व्यवस्था की गई है. इसमें बलिया, अलीगढ़, मेरठ, बागपत इत्यादि प्रमुख हैं. बी कापियां भी अलग-अलग रंग की होंगी.
किस संवेदनशील व अति संवेदनशील परीक्षा केंद्र पर किस रंग की कापियां भेजी जा रही हैं इसकी जानकारी किसी को नहीं होगी. इस बार 18 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल की परीक्षा तीन मार्च और इंटरमीडिएट की छह मार्च को खत्म होगी. परीक्षा के साथ-साथ मूल्यांकन का समय भी घटाया गया है. इस बार रिजल्ट 24 अप्रैल को घोषित कर दिया जाएगा. इंटरमीडिएट में भी इस बार एक विषय में फेल विद्यार्थी को कम्पार्टमेंट परीक्षा की सुविधा दी जाएगी. मुख्य परीक्षा के रिजल्ट के एक महीने के भीतर कम्पार्टमेंट परीक्षा होगी.


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