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बड़ा सवाल: पुरुष प्रधान देश में क्या महिलाओं की कभी कोई सुनेगा ?पीरियड्स के बाद अब बुर्के पर बवाल

बुलंदशहर. हमारा देश नारी को शक्ति या नारी की बराबरी की चाहे कितनी भी बात करता है लेकिन पुरुष प्रधान की मानसिकता हमेशा जहन में रही है जो यदा-कदा आचरण में भी दिखाई दे जाती है. अभी कुछ ही दिन बीते गुजरात में छात्राओं के अंडर गारमेंट्स उतार कर पीरियड्स चैक करने का बवाल हुआ था. पीरियड्स के दौरान महिलाओं द्वारा खाना बनाने से रोकने को लेकर एक स्वामी ने अपशब्द बोल दिए. अभी ये प्रकरण शांत भी नही हुआ कि बुलंदशहर में पुरुषवादी सोच ने एक विद्यालय की छात्राओं को बुर्के में ही रहने का फरमान सुनाया जिसके खिलाफ कॉलेज की छात्राएं एकजुट हो गई और पूरे मामले के खिलाफ एसडीएम को शिकायत दर्ज कराई.
बुलन्दशहर के खुर्जा में मुस्लिम कॉलेज की छात्राओं ने सोमवार को सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) ईशा प्रिया से मुलाकात की और उन्हें बताया कि बदमाशों द्वारा उन्हें बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया जा रहा है और उनका उत्पीड़न हो रहा है.
मामले की जानकारी होते ही एसडीएम ईशा प्रिय क्षेत्र के स्टेशन हाउस अधिकारी (एसएचओ) के साथ छात्राओं के इलाके में पहुंचीं और लोगों से इस बारे में बात की. एसडीएम ने सख्ती से क्षेत्रीय लोगों को चेतावनी दी और कहा कि कॉलेज की छात्राओं को परेशान करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और कठोर कार्रवाई की जाएगी.
एसडीएम ने कहा, “सराय मुर्तजा कॉलोनी में कुछ बदमाश लड़कियों को परेशान कर रहे थे और उन्हें बुर्का पहनने के लिए कह रहे थे. लड़कियों ने हमें बताया कि जब उनके परिवारों को बिना बुर्का के कॉलेज भेजने में कोई समस्या नहीं थी, तो ये लोग इस मामले पर कैसे आपत्ति जता सकते हैं?” इतना ही नहीं एसडीएम ने स्थानीय लोगों से अपनी बेटियों को कॉलेज भेजने के लिए कहा.
क्षेत्रीय समुदाय के लोगों ने और धार्मिक प्रमुखों ने एसडीएम और पुलिस को आश्वासन दिया है कि उत्पीड़न की घटना को नहीं दोहराया जाएगा. इसके बाद जाकर मामला शांत हुआ.

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Prakash Pandey

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