Lucknow. पूरे विश्व में कोरोना वायरस के चलते अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट भी हुई है बावजूद इसके केंद्र सरकार ने इस पर ₹10 के करीब उत्पाद शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है जिसके चलते आम लोगों को राहत नहीं मिल रही है.
उत्तर प्रदेश सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आज बुधवार को अहम फैसले कर सकती है. दोपहर में कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बुलाई गई है. सूत्रों के अनुसार बैठक में पेट्रोल डीजल पर वैट बढ़ाने के साथ में शराब की कीमतों को भी बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है. रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए राज्य सरकार नई एजेंसी को जिम्मेदारी दे सकती है. इतना ही नहीं आम लोगों को राहत देने के लिए अन्य घोषणा अभी की जाएगी.
कैबिनेट बैठक में कौन होगा शामिल
सुबह के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पर 12:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक होनी है. बैठक में वे मंत्री शामिल होंगे जिनके विभाग से जुड़े हुए विषय बैठक का हिस्सा होंगे. बाकी सभी मंत्री ऑनलाइन मीटिंग को ज्वाइन करेंगे.
कितना बढ़ेगा पेट्रोल का दाम
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो सरकार पेट्रोल की वैट दरों में ₹2 और डीजल में ₹1 की वृद्धि कर सकती है हालांकि वाणिज्य कर विभाग ने पेट्रोल पर 1.2 6 से लेकर 2.2 6 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 1.09 रुपए से लेकर 2.0 9 रुपए वृद्धि का प्रस्ताव दिया है.
महंगी होगी शराब
दिल्ली में शराब पर 70 फ़ीसदी कोरोना टैक्स लगने के बाद उत्तर प्रदेश में भी कोरोनावायरस टैक्स शराब पर लगाया जा सकता है. आबकारी विभाग के द्वारा दिए गए सुझाव के मुताबिक 30 से 40 फ़ीसदी कोरोनावायरस पर टैक्स लगाया जा सकता है.
मेडिकल टीम या पुलिस पर हमला करने वालों पर सरकार सख्त
कोरोना योद्धाओं की सुरक्षा के लिए महामारी एक्ट में संशोधन संबंधी अध्यादेश को मंजूरी मिल सकती है. संशोधन होता है तो उसके बाद डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ या पुलिसकर्मियों पर हमले के बाद कठोर सजा का प्रावधान मसौदे में किया गया है.
घर वापसी किए श्रमिकों के लिए सरकार गंभीर
देश में लॉक डाउन के चलते विभिन्न हिस्सों से तकरीबन 10 से 15 लाख प्रवासी कामगार और श्रमिक उत्तर प्रदेश लौटे हैं जिन्हें रोजगार मुहैया कराने का वायदा सरकार ने किया है. सरकार इसके लिए कार्य योजना भी बना रही है. प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने कहा है कि निवेश व रोजगार प्रोत्साहन संस्था गठित करने का निर्णय हुआ है. इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे जबकि औद्योगिक विकास मंत्री और एम एस एम ई व निवेश प्रोत्साहन मंत्री इसमें उपाध्यक्ष की भूमिका में होंगे. संस्था के बोर्ड में संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के अलावा विभिन्न औद्योगिक व वाणिज्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल किए जाएंगे. बता दें कि इसके बारे में भारत सरकार की संस्था इन्वेस्ट इंडिया द्वारा पहले ही प्रस्ताव भेजा गया था. अब माना जा रहा है कि एजेंसी की स्थापना जल्दी की जाएगी. इसके बाद से रोजगार पर गहराई संकट से कुछ राहत मिलने की संभावना है.









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