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कोरोना की बढ़ती रफ्तार से चिंता में पड़ी योगी सरकार का बड़ा फैसला, बच्चों पर rishk नही लेगी सरकार

सांकेतिक फ़ोटो

कोरोना, एक ऐसा नाम जो मार्च 2020 से इस देश के लिए और नवंबर 2019 से पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बना हुआ है. भारत में कोरोना के संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन भी लगाया गया और मार्च 2020 से ही स्कूलों को बंद किया गया. जैसे-जैसे परिस्थितियां नियंत्रित होती गई सरकार ने हर क्षेत्र में छूट का दौर शुरू कर दिया. नवंबर 2020 आते-आते माना जाने लगा कि कोरोना की विदाई अब तय हो गई है. स्कूल भी धीरे-धीरे खोले जाने लगे. पाबंदियां कम होने लगी. लेकिन 2021 चढ़ने के साथ ही कोरोना का ग्राफ फिर से धीरे-धीरे बढ़ने लगा. जनवरी 2021 में कोरोन के नए स्ट्रेन की जानकारी दुनिया के सामने आई. बताया गया कि कोविड का नया स्ट्रेन 70 गुना ज्यादा स्पीड से लोगों को अपनी चपेट में लेता है. सुरक्षा फिर से चर्चा का विषय बन गयी. मास्क और सेनिटाइजर की वापसी हो गयी. सरकार ने फिर से कमर कस ली. 1 साल बाद यानी मार्च 2021 में कोरोना का फिर से रिटर्न देशभर के लिए चिंता का कारण बन गया.
महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी होने लगी. जहां महाराष्ट्र में रात का कर्फ्यू, पंजाब में रात का कर्फ्यू लगा लगाया गया वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए पहले 31 मार्च तक फिर 4 अप्रैल तक और आज यानी शुक्रवार 2 अप्रैल को राज्य के पहली से लेकर आठवीं तक के सभी विद्यालयों को 11 अप्रैल तक बंद रखने का आदेश जारी कर दिया.
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं ऐसे में स्कूलों का खुलना इसमें और इजाफा कर सकता है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 4 अप्रैल से बढ़ाकर 11 अप्रैल तक बंद रखने का निर्देश जारी किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अन्य विद्यालयों में कोविड-19 प्रोटोकाल का पूर्ण रुप से पालन सुनिश्चित कराया जाए. यहां जान लेना जरूरी है कि उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 संक्रमित 26 सौ मरीजों की पहचान हुई है जिसमें 9 लोगों की कोरोना से मौत दर्ज की गई है. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने अधिकारियों और प्रशासन से गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कोविड टेस्ट कराने पर जोर देने के लिए कहा है. उन्होंने समूह में संचालित संस्थानों, बालिका संरक्षण गृह, वृद्ध आश्रम को प्राथमिकता देने का निर्देश भी बैठक के दौरान दिया है. सीएम योगी ने प्रशासन को निर्देशित किया है कि राज्य में कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाएं. सोशल डिस्टेंसिंग और लोगों के मास्क पहनने पर विशेष ध्यान देने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है.
जान लेना जरूरी है कि उत्तर प्रदेश में पिछले एक माह में कोरोना मरीजों की संख्या में 473 फ़ीसदी रोगी बड़े हैं. 1 मार्च को राज्य में कोरोना के कुल एक्टिव 2078 मरीज थे जबकि 1 अप्रैल को कुल मरीजों की संख्या 11918 हो गई थी.

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Prakash Pandey

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