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एक्सक्लूसिव

डॉक्टरों पर हमले से नाराज़ केंद्र ने बनाया कठोर कानून, जानिए क्या होगा विशेष

कोरोना वायरस के खिलाफ फ्रंट लाइन पर काम कर रहे चिकित्सा कर्मीयो से हो रहे दुर्व्यवहार से नाराज केंद्र सरकार ने 123 साल पुराने कानून में बदलाव कर दिया है.सरकार ने अध्यादेश लाकर स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को पुख्ता करने की कोशिश की है.
यदि डॉक्टरों पर हमला किया तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. इसकी एवज में सजा के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा.
मेडिकल टीम पर हो रहे हमले पर बने कानून की जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि आरोग्य कर्मियों के खिलाफ उत्पीड़न और हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके लिए सरकार ने अध्यादेश तैयार कर लिया है प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर के बाद यह तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो जाएगा.
जावड़ेकर ने बताया कि राष्ट्रीय महामारी कानून के तहत बदलाव करके अध्यादेश लागू किया जाएगा जिसके तहत डॉक्टरों पर हमला करना गैर जमानती अपराध होगा. 30 दिन में पूरी जांच की जाएगी और 1 साल के अंदर ही फैसला सुनाया जाएगा. जावडेकर ने स्वास्थ्य कर्मियों के 50 लाख के इंश्योरेंस का जिक्र भी किया उन्होंने कहा कि देश में जो स्वास्थ्य कर्मी कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ रहे हैं उन्हें ₹5000000 का इंश्योरेंस देने का मोदी सरकार ने पहले ही फैसला कर लिया था. उन्होंने बताया कि आज देश में 723 नए कोविड-19 बनाए गए हैं इससे पहले कोई भी अस्पताल नहीं था. गौरतलब है कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों पर हमलों की पृष्ठभूमि में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक अध्यादेश को मंजूरी दी है जिसमें उनके खिलाफ हिंसा को संज्ञेय और गैर जमानती अपराध बनाया गया है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अध्यादेश के माध्यम से महामारी अधिनियम 1897 में संशोधन किया जाएगा.

क्या खास होगा क़ानून में

  • गंभीर हमले के मामले में एक लाख से पांच लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा.
  • नुकसान का दोगुना हमला करने वालों से वसूला जाएगा.
  • स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों को जमानत नहीं मिलेगी, 30 दिन के अंदर इसकी जांच पूरी होगी.
  • एक साल के अंदर फैसला लाया जाएगा, जबकि तीन महीने से पांच साल तक की सजा हो सकती है.
  • इसके अलावा गंभीर मामलों में 6 महीने से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है.
  • अध्यादेश के अनुसार, अगर किसी ने स्वास्थ्यकर्मी की गाड़ी पर हमला किया जाता है तो बाजार मूल्य का दोगुना भरपाई करना पड़ेगा.

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Prakash Pandey

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