बोल वचन खास

दावा: हाथियों के साथ खेली जाने वाली होली के बारे में जानते हैं आप, नही जानते तो जान लीजिये

भारत में जो आप होली खेलते हैं. उनसे अलग भी होली खेलने के कई ऐसे तरीके हैं जो शायद बहुत ही कम लोग जानते होंगे.आज हम होली विशेषांक में आपसे भारत की विविधता की होली के बारे में चर्चा करेंगे. होली एक ऐसा त्यौहार जिसे न केवल पूरे देश में मनाया जाता है बल्कि हर समुदाय के लोग एक दूसरे के साथ रंग लगाकर अपने प्रेम का और संबंधों का इजहार करते हैं. जहां पकवान व्यंजन होली की मिठास बढ़ाते हैं वही भांग की ठंडाई मिजाज को सराबोर करती है. फगुआ के गीत होली के त्यौहार में चार चांद लगा देते हैं. लठमार होली और कीचड़ की होली तो आपने सुनी होगी लेकिन लोग इतने मदमस्त होते हैं कि हाथियों से भी होली खेल लेते हैं.

बरसाने की होली

उत्तर प्रदेश के बरसाना में खेली जाने वाली होली सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है. लठमार होली के नाम से प्रसिद्ध बृज क्षेत्र में खेली जाने वाली होली में महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारती हैं और रंगो के जगह पर होली के गीत गाकर लड्डू बरसाती हैं.

मथुरा वृंदावन की होली

वृंदावन में होली का त्यौहार बसंत पंचमी से ही शुरू हो जाता है यही कारण है कि पूरे देश में होली का डंडा बसंत के दिन ही गाड़ा जाता है. मथुरा वृंदावन में खेलने वाली होली में रासलीला का मंचन किया जाता है. मथुरा में मटका फोड़ होली का प्रचलन है.

शांतिनिकेतन की होली

पश्चिम बंगाल के मशहूर शांतिनिकेतन में होली पर वसंतोत्सव मनाने का रिवाज है. यहां गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा शुरू की गई होली को संस्कृति उत्सव के रूप में मनाया जाता है. जहां छात्र-छात्राएं पीले व केसरिया परिधानों में सज कर गुरुदेव के गीत गाते हैं और नृत्य करते हैं. पश्चिम बंगाल लोगों को गलियों और बाजारों में गीत गाते हुए देखा जाता है. प्रक्रिया को डोल यात्रा भी कहा जाता है.

कुमाऊ की होली

उत्तराखंड के लोग खासकर कुमाऊं मंडल के लोग परंपरागत परिधानों चूड़ीदार पजामा कुर्ता और नोकदार टोपी पहनकर एक स्थान पर शास्त्रीय संगीत पर आधारित होली के गीत गाकर होली का आनंद लेते हैं. इस मौके पर ढोल और हुरका जैसे वाद्य यंत्र बजाये जाते हैं. यहां की विशेषता खड़ी होली, महिला होली, बैठकी होली जो अलग-अलग मनाई जाती है. यहां पर नेचुरल कलर के इस्तेमाल से होली खेलने का रिवाज है जो स्थानीय निवासी फूलों से बनाते हैं.

होली का होला मोहल्ला

पंजाब के आनंदपुर साहिब में लोग ताकत का प्रदर्शन करते हैं. सिख तलवारबाजी तो ग्रामीण महिलाएं घरों की दीवारों पर पेंटिंग बनाती है जिन्हें चौकपूर्ण कहते हैं. पंजाब के आनंदपुर साहिब में खेले जाने वाली होली को होला मोहल्ला भी कहा जाता है.

रंगोत्सव का मणिपुर

मणिपुर में होली के मौके पर गीत के साथ नृत्य जिन्हें थाबल छोगबा कहा जाता है. 6 दिन तक चलने वाले त्यौहार में लोग आग जलाकर गुलाल खेलते हैं. पीली और सफेद पगड़ी पहने लोग भगवान कृष्ण के मंदिर में जाते हैं और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करते हैं.

उदयपुर और जयपुर की हाथियों से लड़ाई वाली होली

उदयपुर का मेवाड़ घराना होली का शानदार आयोजन करता है. मानेक चौक से लेकर सिटी पैलेस तक पड़ यात्रा के दौरान हाथियों और घोड़ों को शामिल किया जाता है. हाथियों को नचाने के साथ साथ उनसे लड़ाई वाली होली खेली जाती है.

दक्षिण भारत की होली

दक्षिण भारत में वैसे तो इस त्यौहार को कम मनाया जाता है लेकिन रति और कामदेव के मिलन की याद में समर्पित इस त्यौहार को लोग गीतों के माध्यम से मनाते हैं. मलयालम भाषा में मंजूल कुली, तेलंगाना में कामुधा, कर्नाटक में कामधाना और तमिलनाडु में पाडीगाई के रूप में इस का आयोजन किया जाता है. लोग एक दूसरे को रंग गुलाल भी लगाते हैं.

दिल्ली और मुंबई की होली

सबसे अधिक सबसे अधिक दिल्ली और मुंबई में होली मनाई जाती है. जहां कोई भी अपने घर में बच नहीं सकता. पड़ोस के लोग उसको रंगों में सराबोर कर देते हैं. होली के मौके पर एक दूसरे पर रंगों की बारिश के साथ सड़कों पर भारी भीड़ देखी जाती है.लोग भांग और शराब का सेवन करते हैं. मुंबई के धारावी स्लम बस्ती की होली काफी मशहूर है.

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Prakash Pandey

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