फतेहाबाद/हरियाणा. फतेहाबाद में एक युवक ने बिजली विभाग को उस समय सकते में डाल दिया जब वह अपना बिल भरने के लिए एक कट्टे में पैसे लेकर गया. विभाग ने बिल जमा करने से मना कर दिया.
दरअसल पूरा मामला फतेहाबाद का है जहां कैलाश रानी का बिजली का बिल ₹45000 आया. हर महीने बिजली का बिल भरने के बाद भी 45000 के बिल पर उन्होंने अपनी शिकायत विभाग को दर्ज कराई जिस पर विभाग ने अपनी गलती मानते हुए ढाई साल से कम बिल भेजने की बात को स्वीकार किया. विभाग ने उन्हें कहा कि बिल को ठीक करके भेजा गया है. विभाग के इस रवैया से नाराज कैलाश रानी ने कंज्यूमर कोर्ट के दरवाजे पर दस्तक दी. कोर्ट ने विभाग को गलत माना और मीटर को उखाड़ने से रोकते हुए स्टे लगाया साथ ही उपभोक्ता को 25% बिल जमा करवाने के लिए कहा. कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए कैलाश रानी का बेटा बिल की राशि के 25% यानी कि ₹11000 लेकर बिजली विभाग के दफ्तर गया जहां विभाग ने रकम जमा करने से मना कर दिया. दरअसल कुलदीप ₹11000 के सिक्के कट्टे में भरकर ले गया था. कुलदीप ने विभाग को बताया कि वह बैंक में पैसे जमा कराने के लिए गया था लेकिन बैंक में कोई भी कर्मचारी विभाग का नहीं पहुंचा. आरोप लगाया कि वह कर्मचारी सिक्के लेने से मना कर रहे हैं जिसका वीडियो भी उसके पास है. विभाग के ढुलमुल रवैया से नाराज कुलदीप ने फिर से कंज्यूमर कोर्ट की तरफ जाने का फैसला लिया है. पूरे मामले पर बिजली विभाग के एसडीओ धीरज कुमार ने सिक्के ना लेने की बात को स्वीकार किया, उन्होंने कहा कि बैंक इसलिए भेजा गया था ताकि सिक्कों की जांच हो सके और वहीं से वाउचर भर कर सीधे बैंक में जमा करवाया जा सके.जब पत्रकारों ने वीडियो पर एसडीओ से जवाब जानना चाहा तो उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया. ऐसे में हरियाणा का यह मामला खासा चर्चा में बना हुआ है.
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