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42 महीने से बिना मानदेय के कर रहे थे नौकरी, सरकार ने किया मंगल, खातों में भेजे 225.39 करोड़, बढ़ा दिया मानदेय,जानिए किनको मिलेगा लाभ

लखनऊ/ उत्तर प्रदेश. लॉक डाउन में रोजगार सेवकों के लिए आज अच्छी खबर राजधानी लखनऊ से निकलकर आई. उत्तर प्रदेश सरकार ने साढ़े तीन साल से भी अधिक समय से रुके हुए रोजगार सेवकों का मानदेय जारी कर दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीबीटी के जरिए ने 35818 ग्राम रोजगार सेवकों को खुशियां देते हुए 225.39 करोड रुपए उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए.
सबसे अहम बात यह रही कि इसकी सूचना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पैसे ट्रांसफर करने के बाद दी. उन्होंने कहा कि आज 35800 अट्ठारह रोजगार सेवकों को 225.39 करोड़ की राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया गया. मुख्यमंत्री ने अपने आवास से ही इस कार्य को पूरा किया और रोजगार सेवकों की होने वाली समस्याओं को भी सुना.
रोजगार सेवकों के लिए अपने संबोधन में सुबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रोजगार सेवक मनरेगा के काम की निगरानी करते हैं, इनका मानदेय नवंबर 2016 से ही बाकी था. उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने यह व्यवस्था की थी कि विकासखंड के प्रशासनिक मद से इनका भुगतान हो लेकिन प्रशासनिक मद में पैसा ना होने के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा था. योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा वर्तमान सरकार ने उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए डीबीटी के माध्यम से रोजगार सेवकों के बकाया मानदेय का भुगतान किया है .

सीएम ने दी खुशियां

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में रोजगार सेवकों के मानदेय की बढ़ोतरी की घोषणा भी की. उन्होंने कहा कि “पहले इनके मानदेय की राशि 3630 रुपए प्रतिमा थी अब सरकार ने इसे 6 हज़ार प्रतिमाह कर दिया है. रोजगार सेवक ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को इससे जोड़ें ताकि साल में कम से कम 100 दिन के रोजगार की गारंटी हो.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले के बाद रोजगार सेवकों में खुशी की लहर है पुराने भुगतान के साथ मानदेय बढ़ जाने से रोजगार सेवकों को खासा लाभ मिलेगा.

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Prakash Pandey

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