New Delhi. दशक के सबसे बड़े मुकदमें में आज न्याय हो गया. मासूम निर्भया को दोषियों को आखिरकार वह सज़ा मिल गयी जिसके वो हकदार थे. निर्भया कांड के चारों दोषियों को पवन जल्लाद ने लीवर खींचकर एक-एक करके फांसी दे दी. इतिहास में यह पहला मौका था जब एक साथ तिहाड़ में चार दोषियों को सामूहिक फांसी दी गई.
2651 दिन के कानूनी दांवपेच भी निर्भया के दोषियों को फांसी से नहीं बचा सके. फांसी से 2 घंटे पहले तक यानी सुबह 3:30 बजे तक दोषियों ने कानूनी दांवपेच जारी रखा लेकिन 3:30 बजे के बाद उनकी उम्मीद टूट गई. देर रात 2:30 बजे सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पवन की याचिका पर सुनवाई की जिसमें पवन ने पूरे मामले को नया मोड़ देते हुए खुद को नाबालिग बताया था, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने पवन की इस दलील को आधारहीन बता दिया. आखिरकार 5:30 बजे हिंदुस्तान के इतिहास में वह तारीख लिखी गई जो बलात्कारियों और निर्दयी लोगों के लिए भय की तस्दीक करती रहेगी.
उठने से लेकर फांसी तक ऐसे चला दोषियों के साथ समय
फांसी की सजा के बाद आज सुबह 4:00 बजे चारों दोषियों को उठकर नहाने के लिए कहा गया. बाद में काले कपड़े पहनाए गए और चाय दी गयी. दोषी विनय जोर जोर से रोने लगा और काले कपड़े ना पहने की ज़िद भी की. इसके बाद चारों दोषियों का डॉक्टरों ने मेडिकल टेस्ट किया जिसके बाद चारों दोषियों को फांसी घर लाया गया. यहां एक-एक कर लीवर खींचकर पवन जल्लाद ने चारों को मृत्यु दे दी. फांसी पर चारों दोषियों को तकरीबन आधा घंटा तक लटकाया गया. जिसके बाद डॉक्टर ने सभी को मृत घोषित कर दिया. सबको फांसी से उतारकर दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाकर पोस्टमार्टम कराया गया. अब चारों के शव उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा.
देश मे है जश्न का माहौल
पूरा देश निर्भया को मिले न्याय पर जश्न मना रहा है. बलिया में आज निर्भया के दादा ने होली खेली तो कई जगह मिठाइयों को बांट कर खुशी का इज़हार किया गया. लोग देर से ही सही लेकिन निर्भया को मिले न्याय से खुश हैं. वहीं खबर लिखे जाने तक सूचना थी कि दोषियों के परिजनों ने खुद को घरों में बंद कर लिया है.
सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल
शोशल मीडिया पर छठे अपराधी को नाबालिग के चलते मिली छूट को लेकर काफी नाराज़गी है. यूज़र्स निर्भया को मिले न्याय को अधूरा मान रहे हैं. बता दें कि 6 आरोपियों ने रात को एक प्राइवेट बस में छात्रा निर्भया से न केवल बलात्कर किया बल्कि दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी. जिसके13 दिन बाद निर्भया की मृत्यु हो गयी थी. 6 आरोपियों में से राम सिंह ने पहले ही आत्महत्या कर ली थी. जबकि एक आरोपी को नाबालिग होने का लाभ मिला और 3 वर्ष की जुवेनाइल सज़ा काटने के बाद उसे रिहा कर दिया गया. शेष चार दोषियों को आज शुक्रवार की सुबह फांसी से लटका दिया गया.










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