COVID-19 Live Update

Global Total
Last update on:
Cases

Deaths

Recovered

Active

Cases Today

Deaths Today

Critical

Affected Countries

Total in India
Last update on:
Cases

Deaths

Recovered

Active

Cases Today

Deaths Today

Critical

Cases Per Million

पांडेयजी तो बोलेंगे

UP-69000 शिक्षक भर्ती: चयन में हुए खुलासे के बाद क्या न्यायालय में दम तोड़ देगी उम्मीद?

प्रदेश की सबसे चर्चित 69000 शिक्षकों की भर्ती का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. परीक्षा परिणाम आने के बाद से ही मामला लगातार न्यायालय में डोल रहा है. कभी परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों को लेकर तो कभी कट ऑफ मेरिट को लेकर. हाईकोर्ट की बेंच से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अदालत के दरवाजे पर पूरी भर्ती प्रक्रिया सवालों के साथ खड़ी है.
12 मई को रिजल्ट घोषित होने के बाद से कई प्रतिभागियों की मार्कशीट सोशल मीडिया पर तैरने लगी. मुखर आवाज के सबसे बड़े प्लेटफार्म सोशल मीडिया पर 150 में से 143 नंबर लाने वाले उम्मीदवार अंडर ग्राउंड होने लगे. सोशल मीडिया के बड़े प्लेटफार्म पर 130 नंबर तक लाने वाले कैंडिडेट्स का बैकग्राउंड भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चला था. इससे एक बात क्लियर हुई कि कई पास हुए उम्मीदवार ऐसे भी थे जिनको हाई स्कूल के बाद इंटर पास करने में 4 साल लग गए तो किसी ने 3 साल में ग्रेजुएट होने वाली डिग्री के लिए 7 साल लगा दिए. ऐसी भी मार्कशीट सोशल मीडिया पर दिखाई दी जिनमें एक ही परिवार के कई लोग मास्टर जी बनने की उपाधि पाने वाले परीक्षा को पास किए हुए हैं. सबसे हैरान करने वाली बात सभी के नंबर लगभग बराबर ही हैं.
इसी मामले का एक बहुत बड़ा खुलासा करते हुए हिंदुस्तान अखबार ने जो लिखा वह दिमाग की घंटी बजाने के लिए काफी था. हिंदुस्तान के मुताबिक 69000 शिक्षकों की भर्ती में होनहार धर्मेंद्र कुमार पटेल की मार्कशीट में 150 में से 142 नंबर हासिल हुए. अखबार ने लिखा कि टॉपर्स की सूची में शामिल देश के राष्ट्रपति का नाम भी नहीं बता सके. वहीं जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को ओबीसी लिस्ट में रैंक देने को लेकर भी सोशल मीडिया पर बवाल चल रहा है.
पूरे प्रकरण में प्रयागराज के एएसपी अशोक वेंकटेश का बयान बड़ा मायने रखता है. एएसपी के मुताबिक 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में फर्जीवाड़ा हुआ है. टॉपर लिस्ट में शामिल 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के पास से मिली डायरी में परीक्षा में बैठे 20 लोगों के नाम सामने आए इनमें से 18 लोगों के सेलेक्ट होने की बात सामने आई है बाकी 17 लोगों की तलाश जारी है.
उम्मीदवारों के नंबरों को लेकर मचे बवाल के बीच कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के विरोध की जमीन तलाश ली. सरकार के विरोध की कमान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने संभाली. उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक के बाद एक कई ट्वीट कर डाले. सरकार को घेरते हुए उन्होंने लिखा

“69000 शिक्षक भर्ती घोटाला उत्तर प्रदेश का व्यापम घोटाला है. इस मामले में गड़बड़ी के तथ्य सामान्य नहीं है. डायरियो में स्टूडेंट्स के नाम, पैसे का लेन देन, परीक्षा केंद्रों में बड़ी हेर फेर, इन गड़बड़ियों में रैकेट का शामिल होना, यह सब दर्शाता है कि इसके तार काफी जगहों पर जुड़े हैं. मेहनत करने वाले युवाओं के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए. सरकार अगर न्याय नहीं दे सकी तो इसका जवाब आंदोलन से दिया जाएगा.”

सबसे महत्वपूर्ण यह भी है कि पिछले कई सालों से प्रदेश की सरकारें निष्पक्ष परीक्षा कराने और उनके परिणाम को घोषित कराने में असफल रही है. अधिकतर परीक्षाएं और उनके परिणाम अदालत के दरवाजे पर इंसाफ की भीख मांग रही है. बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि ईमानदार सरकार का तमगा लेकर चलने वाली योगी सरकार भी इमानदारी से परीक्षा को सफल नहीं करा पाई. अब इस मामले में देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले परिणाम क्या होते हैं? फिलवक्त तो पूरा मामला अब खटाई में दिखाई पड़ रहा है और निष्पक्ष चयन की उम्मीदें दम तोड़ती दिखाई दे रही हैं, ऐसे में सरकार क्या निर्णय लेती है, देखना दिलचस्प होगा.

About the author

Prakash Pandey

Add Comment

Click here to post a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.