COVID-19 Live Update

Global Total
Last update on:
Cases

Deaths

Recovered

Active

Cases Today

Deaths Today

Critical

Affected Countries

Total in India
Last update on:
Cases

Deaths

Recovered

Active

Cases Today

Deaths Today

Critical

Cases Per Million

पांडेयजी तो बोलेंगे

ज़रा सोचिए : क्या ऐसे भारत आगे बढ़ पाएगा?

लव कुमार पाण्डेय

लखनऊ. देश मे कुपोषण आज भी बड़ी समस्या है. आर्थिक मज़बूती की ओर सरकार प्रयास रत है. और इस प्रयास को पूरा करने के लिए विदेशी निवेश एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. लेकिन जो माहौल देश मे बना दिया गया है क्या उसके बाद यह संभव हो सकता है? ज़रा सोचिए.

देश मे अभी 400 मिलियन से अधिक लोगों को जरूरी पोषण तक नहीं मिल पा रहा है. दुनिया के सबसे ज्यादा कुपोषित बच्चे हमारे देश मे है. कुपोषण से मरने वाले 5 साल से छोटे बच्चों की सबसे बड़ी संख्या भारत मे है. यकीन मानिए, ये हालात तभी सुधर सकते हैं जब देश आर्थिक रूप से मजबूत हो, देश की आर्थिक तरक़्क़ी हो. आर्थिक विकाश के लिए सबसे जरूरी चीज हैं विदेशी निवेश. भारत सरकार ने 2 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा है, इसके लिए वो कार्यरत भी हैं. पूरी दुनिया के निवेशक भी भारत मे निवेश करने की सोच रहे हैं, क्योकि सबसे अच्छा मार्केट अभी कही भी नही है. चीन और ईरान की अमेरिका से ट्रेड वॉर के बाद भारत निवेशकों की नजर में और अधिक उभर रहा है. लेकिन जब सड़को पर बसे जल रही हो, हिंसक प्रदर्शन हो रहे हो, हाथ मे बम फट रहे हो और लड़के पुलिस और पत्रकारों की भीड़ के सामने दिन दहाड़े पिस्टल लेकर गोलियां चला रहे हो, तो ऐसे में कौन सा निवेशक अपनी पूंजी भारत मे बेझिझक निवेश करना चाहेगा? ज़रा सोचिए.

इसलिए यदि हम किसी भी घटना को, हिंसा को किसी भी रूप से जस्टिफाई करने की कोशिश कर रहे हैं, या अगर मगर कर रहे हैं, तो मेरे लिए ये उन 400 मिलियन भूखे लोगो के साथ गद्दारी हैं। ये उन पांच साल के छोटे बच्चों के साथ गद्दारी है जो सिर्फ भूख के कारण मर जाते हैं। ये देश से गद्दारी है।

Tags

About the author

Prakash Pandey

Add Comment

Click here to post a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.